आश्रम का परिचय
जबलपुर के आध्यात्मिक केंद्र में स्थित, श्री लोढ़ा सिद्धन धाम आश्रम सत्य के साधकों के लिए प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करता है। सनातन धर्म के सिद्धांतों पर आधारित, हमारा आश्रम एक ऐसा स्थान है जहाँ संस्कृत मंत्रों की प्राचीन ध्वनि प्रतिदिन गूंजती है, जो ऐतिहासिक परंपरा और आधुनिक आध्यात्मिक विकास के बीच की दूरी को पाटती है।
100+ वर्ष
सनातन परंपरा
500+ छात्र
संस्कृत शिक्षा
पूज्य श्री बाल संत जी महाराज
वेदों के अपने गहन ज्ञान and अपने करुणामय मार्गदर्शन के लिए जाने जाने वाले, गुरुजी ने अपना जीवन संस्कृत शिक्षा के पुनरुद्धार and हजारों लोगों के आध्यात्मिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है।
आश्रम का इतिहास
स्थापना काल
परम पूज्य गुरुदेव द्वारा आश्रम की नींव रखी गई, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार था।
विद्यालय निर्माण
संस्कृत के अध्ययन और अध्यापन के लिए एक भव्य विद्यालय भवन का निर्माण हुआ।
आसपास विस्तार
भक्तों के सहयोग से आश्रम में गौशाला और चिकित्सालय का विस्तार किया गया।
सिद्धन संस्कृत विद्यालय
वेदाध्ययन एवं व्याकरण
पाणिनीय व्याकरण and चारों वेदों का गहन प्रशिक्षण।
आवासीय कार्यक्रम
छात्रों के लिए पूर्णतः निःशुल्क भोजन, आवास एवं शिक्षा व्यवस्था।
सर्वांगीण विकास
शास्त्रों के साथ-साथ हम योग, आयुर्वेद and धर्मानुसार जीवन जीने की कला सिखाते हैं।
- check_circle दैनिक योगाभ्यास
- check_circle नैतिक शिक्षा
- check_circle संध्या वंदन
- check_circle गौ सेवा
Latest News एवं आगामी कार्यक्रम
सरल संस्कृत संभाषण शिविर
७ दिवसीय विशेष शिविर, जहाँ आप संस्कृत भाषा में संवाद करना सीखेंगे। आवास एवं भोजन निःशुल्क है।
विवरण देखें →महाशिवरात्रि महोत्सव २०२६
आश्रम में भव्य शिव अभिषेक एवं रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। सभी श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं।
विवरण देखें →श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान यज्ञ
स्वामी जी द्वारा गीता के व्यावहारिक जीवन में उपयोग पर विशेष आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला।
विवरण देखें →वैदिक विरासत को संजोने में सहयोग करें
आपका योगदान संस्कृत छात्रों की निःशुल्क शिक्षा, आश्रम के रखरखाव and हमारे विभिन्न सेवा कार्यों में सीधा सहयोग करता है।
info सभी दान धारा 80G के अंतर्गत कर मुक्त हैं।
संपर्क सूत्र (Contact Details)
हमारा पता
कुरी पिपरिया, जिला जबलपुर, मध्य प्रदेश - 482001
फोन नंबर
+91-98765-43210
ईमेल
contact@siddhangurukul.org